हैश क्या होता है?
हैश किसी भी टेक्स्ट या फाइल की एक तय लंबाई की डिजिटल उंगलियों की छाप है। एक ही टेक्स्ट का हैश हमेशा एक जैसा आता है, लेकिन एक अक्षर बदलते ही पूरा हैश बदल जाता है। इसीलिए इससे जांचा जाता है कि डेटा में बदलाव तो नहीं हुआ।
SHA-1, SHA-256 और SHA-512 में फर्क
- SHA-1: 40 अक्षर का हैश, पुराना है और सुरक्षा के लिए अब अनुशंसित नहीं, पर पुराने सिस्टम में दिखता है।
- SHA-256: 64 अक्षर का हैश, आज सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, जैसे डाउनलोड जांच और डिजिटल हस्ताक्षर में।
- SHA-512: 128 अक्षर का हैश, ज्यादा लंबा और 64 बिट सिस्टम पर तेज।
उदाहरण
टेक्स्ट abc का SHA-256 हमेशा ba7816bf8f01cfea414140de5dae2223b00361a396177a9cb410ff61f20015ad आता है। अगर आपके हाथ में किसी फाइल या टेक्स्ट का दिया हुआ हैश है, तो अपना हैश निकालकर मिलाने से पता चल जाता है कि सामग्री वही है या नहीं।
जरूरी सावधानी
हैश एन्क्रिप्शन नहीं है और उसे उलटा नहीं जा सकता, लेकिन सरल पासवर्ड अंदाज़े से पकड़े जा सकते हैं। पासवर्ड स्टोर करने के लिए सिर्फ SHA-256 काफी नहीं, उसके लिए bcrypt या Argon2 जैसे तरीके अपनाएं।