लाभ और हानि क्या है?
जब कोई चीज़ अपनी खरीद की कीमत (क्रय मूल्य, CP) से ज़्यादा पर बिकती है तो लाभ होता है, और कम पर बिकती है तो हानि। दुकानदारी, व्यापार, ऑनलाइन बिक्री, शेयर या सोने की खरीद-बिक्री, हर जगह यही हिसाब काम आता है। स्कूल-कॉलेज की परीक्षाओं में भी यह सूत्र बार-बार पूछा जाता है।
मुख्य सूत्र
- लाभ = विक्रय मूल्य − क्रय मूल्य (जब SP > CP)
- हानि = क्रय मूल्य − विक्रय मूल्य (जब CP > SP)
- लाभ % = लाभ ÷ क्रय मूल्य × 100
- हानि % = हानि ÷ क्रय मूल्य × 100
उदाहरण
एक सामान 800 रुपये में खरीदा और 1,000 रुपये में बेचा। लाभ = 200 रुपये। लाभ % = 200 ÷ 800 × 100 = 25%। यही लाभ अगर बिक्री मूल्य पर निकालें तो 200 ÷ 1000 = 20% है, जिसे मार्जिन कहते हैं।
लाभ प्रतिशत और मार्जिन का फ़र्क
लाभ प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकाला जाता है, जबकि मार्जिन विक्रय मूल्य पर। दुकानदार अक्सर इन दोनों को मिला देते हैं, जिससे कीमत तय करने में गलती हो जाती है। 25% मार्कअप का मतलब 20% मार्जिन होता है।
व्यापार में ध्यान रखें
असली मुनाफ़ा निकालने के लिए क्रय मूल्य में ढुलाई, GST, पैकिंग और अन्य खर्च भी जोड़ें। केवल बिक्री और खरीद का अंतर पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।