निवेश और बचत

पोस्ट ऑफ़िस स्कीम कैलकुलेटर

डाकघर की बचत योजनाओं में कितनी रकम मिलेगी, जानें।

पोस्ट ऑफ़िस स्कीम कैलकुलेटर में निवेश की रकम, मौजूदा ब्याज दर और अवधि डालिए। टाइम डिपॉज़िट, NSC जैसी चक्रवृद्धि योजनाओं और मासिक आय योजना जैसी सीधी ब्याज वाली योजनाओं के लिए मैच्योरिटी रकम मिलेगी।

डाक विभाग हर तिमाही दरें घोषित करता है; ताज़ा दर वहीं से देखकर भरें

कुल मिलने वाली रकम

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कुल ब्याज

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मासिक ब्याज भुगतान (केवल MIS/SCSS में)

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इस टूल का उपयोग कैसे करें

  1. निवेश की रकम लिखिए।
  2. योजना की मौजूदा ब्याज दर और अवधि डालिए।
  3. ब्याज का तरीका चुनिए: तिमाही, सालाना या मासिक भुगतान।
  4. "गणना करें" दबाकर मैच्योरिटी रकम और ब्याज देखिए।

पोस्ट ऑफ़िस की बचत योजनाएँ

भारतीय डाकघर कई छोटी बचत योजनाएँ चलाता है, जैसे टाइम डिपॉज़िट (TD), राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC), किसान विकास पत्र (KVP), मासिक आय योजना (MIS), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और आवर्ती जमा (RD)। इन पर सरकार का भरोसा होता है, इसलिए इन्हें सुरक्षित निवेश माना जाता है।

तीन तरह की गणना

उदाहरण

1,00,000 रुपये को 7.5% पर 5 साल के टाइम डिपॉज़िट में रखें। तिमाही चक्रवृद्धि पर अंतिम रकम लगभग 1,44,995 रुपये और ब्याज करीब 44,995 रुपये होगा। इसी रकम को मासिक आय योजना में 7.4% पर रखें तो हर महीने लगभग 617 रुपये ब्याज मिलेगा।

ध्यान देने योग्य बातें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोस्ट ऑफ़िस FD की रकम कैसे निकालें?

टाइम डिपॉज़िट में तिमाही चक्रवृद्धि लगती है: A = P × (1 + r/400)^(4×साल)। कैलकुलेटर में राशि, दर और अवधि डालकर तरीका "तिमाही" चुनें।

NSC की मैच्योरिटी रकम कैसे निकलती है?

NSC में सालाना चक्रवृद्धि होती है। तरीका "सालाना" चुनकर राशि, दर और 5 साल की अवधि डालिए।

मासिक आय योजना में हर महीने कितना मिलेगा?

निवेश × ब्याज दर ÷ 12 ÷ 100। "हर महीने ब्याज" चुनने पर कैलकुलेटर मासिक भुगतान दिखा देगा।

पोस्ट ऑफ़िस की ब्याज दरें कौन तय करता है?

केंद्र सरकार हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की दरों की घोषणा करती है। हमेशा ताज़ा दर डाक विभाग की वेबसाइट या कार्यालय से जाँचें।

क्या ब्याज पर टैक्स लगता है?

अधिकतर योजनाओं का ब्याज आपकी आय में जुड़कर कर-योग्य होता है। कुछ योजनाओं में 80C की कटौती मिलती है। विवरण के लिए ताज़ा कर नियम देखें।

यह टूल केवल सामान्य जानकारी और अनुमान के उद्देश्य से है। परिणामों को पेशेवर वित्तीय, कर, कानूनी, चिकित्सा या इंजीनियरिंग सलाह न मानें। कोई भी निर्णय लेने से पहले महत्वपूर्ण गणनाओं की पुष्टि किसी योग्य विशेषज्ञ या आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें।