SIP क्या है?
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान म्यूचुअल फंड में हर महीने एक तय रकम लगाने का तरीका है। इससे निवेश की आदत बनती है और बाज़ार के उतार-चढ़ाव का औसत निकलता रहता है, जिसे रुपी कॉस्ट एवरेजिंग कहते हैं। ₹500 से भी SIP शुरू हो जाती है।
SIP रिटर्न का फ़ॉर्मूला
FV = P × [((1+i)n − 1) ÷ i] × (1+i), जहाँ P मासिक निवेश, i = सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100 और n कुल महीने हैं।
उदाहरण
5,000 रुपये महीने की SIP 12% अनुमानित रिटर्न पर 10 साल चलाएँ, तो कुल निवेश 6 लाख रुपये होगा और अनुमानित रकम लगभग 11.62 लाख रुपये। यानी करीब 5.62 लाख रुपये का लाभ।
स्टेप-अप SIP का फ़ायदा
आपकी तनख़्वाह हर साल बढ़ती है, तो SIP भी बढ़ाइए। 10% सालाना स्टेप-अप से वही 5,000 रुपये की SIP 10 साल में काफ़ी ज़्यादा रकम बना देती है। इसे आज़माने के लिए ऊपर स्टेप-अप का खाना भरिए।
ज़रूरी चेतावनी
म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। 12% केवल एक मान्यता है, असली रिटर्न इससे कम या ज़्यादा हो सकता है। अलग-अलग रिटर्न (8%, 10%, 12%) डालकर देखें और केवल उतना ही निवेश करें जितना आप लंबे समय तक बिना निकाले छोड़ सकें। यहाँ टैक्स, एक्ज़िट लोड और खर्च अनुपात शामिल नहीं हैं।