CAGR क्या है?
CAGR (Compound Annual Growth Rate) बताता है कि अगर किसी निवेश ने हर साल एक समान दर से बढ़ना होता तो वह दर कितनी होती। असल में बाज़ार किसी साल ऊपर जाता है, किसी साल नीचे, इसलिए CAGR एक औसत दर देता है जिससे अलग-अलग फंड, शेयर या योजनाओं की तुलना करना आसान हो जाता है।
CAGR का सूत्र
CAGR = (अंतिम मूल्य ÷ शुरुआती मूल्य)1/साल − 1। प्रतिशत में पाने के लिए 100 से गुणा करें। कुल रिटर्न % = (अंतिम − शुरुआती) ÷ शुरुआती × 100।
उदाहरण
1,00,000 रुपये का निवेश 5 साल में 2,50,000 रुपये हो गया। अनुपात 2.5 है और उसका पाँचवाँ मूल लगभग 1.2011 आता है। इसलिए CAGR = लगभग 20.11% सालाना। कुल रिटर्न 150% है, जो साल-दर-साल के अर्थ में 30% सालाना जैसा भ्रम पैदा कर सकता है, जबकि सही सालाना दर 20.11% है।
CAGR की सीमाएँ
- यह बीच के उतार-चढ़ाव को छिपा देता है।
- SIP जैसे नियमित निवेश के लिए CAGR सही नहीं है, क्योंकि पैसा अलग-अलग समय पर लगा; उसके लिए XIRR देखा जाता है।
- पिछला CAGR भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है।
- अवधि जितनी लंबी हो, CAGR उतना भरोसेमंद होता है।
कहाँ इस्तेमाल करें?
शेयर, म्यूचुअल फंड के एकमुश्त निवेश, सोने, प्रॉपर्टी या अपने व्यापार की बिक्री की वृद्धि की तुलना के लिए CAGR सबसे आसान पैमाना है। अलग-अलग अवधि वाले निवेशों को बराबरी पर लाने में यह मदद करता है।