पहचान और फॉर्मेट चेकर

IFSC कोड वैलिडेटर

NEFT, RTGS या IMPS से पहले IFSC का फॉर्मेट पक्का कर लें।

यहां IFSC कोड डालिए और देखिए कि 11 अक्षर का फॉर्मेट सही है या नहीं। टूल बैंक कोड और ब्रांच कोड अलग करके दिखाता है, ताकि पैसे भेजने से पहले टाइपिंग की गलती पकड़ी जा सके।

11 अक्षर: 4 अक्षर, फिर 0, फिर 6 अक्षर/अंक

नतीजा

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बैंक कोड (पहले 4 अक्षर)

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ब्रांच कोड (आखिरी 6)

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साफ किया गया IFSC

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इस टूल का उपयोग कैसे करें

  1. चेकबुक, पासबुक या बैंक ऐप से देखकर IFSC कोड खाने में डालें।
  2. टूल खाली जगह हटाकर अक्षरों को बड़ा कर देता है।
  3. नतीजे में फॉर्मेट और बैंक कोड व ब्रांच कोड अलग-अलग दिखेंगे।

IFSC कोड क्या होता है?

IFSC यानी Indian Financial System Code, बैंक की हर शाखा की पहचान के लिए 11 अक्षर का कोड है। NEFT, RTGS और IMPS जैसे ट्रांसफर में पैसा सही शाखा तक पहुंचाने के लिए इसी का इस्तेमाल होता है।

11 अक्षरों की बनावट

उदाहरण: SBIN0001234 में SBIN बैंक है, 0 आरक्षित अंक है और 001234 शाखा का कोड है।

आम गलतियां

सबसे आम गलती है पांचवें स्थान पर शून्य की जगह अंग्रेज़ी अक्षर O लिख देना। दूसरी गलती है कोड में खाली जगह या एक अक्षर कम-ज्यादा टाइप हो जाना। यह टूल ये दोनों तुरंत बता देता है।

सावधानी

यह टूल सिर्फ बनावट जांचता है, यह नहीं बता सकता कि वह कोड किस बैंक की किस शाखा का है। बड़ी रकम भेजने से पहले लाभार्थी का खाता और IFSC अपने बैंक की ऐप में दोबारा मिला लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IFSC कोड में कितने अक्षर होते हैं?

IFSC कोड 11 अक्षर का होता है: पहले 4 अक्षर बैंक का कोड, पांचवां अंक 0 और आखिरी 6 शाखा का कोड।

IFSC का पांचवां अक्षर हमेशा 0 क्यों होता है?

यह स्थान भविष्य के उपयोग के लिए आरक्षित रखा गया है और अभी हर कोड में यहां शून्य ही होता है।

क्या यह टूल बैंक का नाम बता देगा?

नहीं। यह सिर्फ फॉर्मेट जांचता है और बैंक कोड के 4 अक्षर अलग करके दिखाता है। शाखा की पुष्टि बैंक के आधिकारिक स्रोत से करें।

IFSC में अक्षर O और अंक 0 का फर्क क्या है?

पांचवां स्थान हमेशा अंक शून्य होता है। गोल अक्षर O वहां मान्य नहीं है, इसलिए टूल इसे गलत बताता है।

क्या मेरा कोड कहीं भेजा जाता है?

नहीं, जांच पूरी तरह आपके ब्राउज़र में होती है।

यह टूल केवल सामान्य जानकारी और अनुमान के उद्देश्य से है। परिणामों को पेशेवर वित्तीय, कर, कानूनी, चिकित्सा या इंजीनियरिंग सलाह न मानें। कोई भी निर्णय लेने से पहले महत्वपूर्ण गणनाओं की पुष्टि किसी योग्य विशेषज्ञ या आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें।