कार लोन कैसे काम करता है?
कार लोन में बैंक गाड़ी की कीमत का एक बड़ा हिस्सा आपको देता है और आप उसे तय मासिक किस्तों में ब्याज सहित चुकाते हैं। गाड़ी बैंक के पास हाइपोथिकेशन में रहती है, और लोन पूरा चुकते ही RC से बैंक का नाम हट जाता है।
EMI का फ़ॉर्मूला
EMI = P × r × (1+r)n ÷ ((1+r)n − 1)। यहाँ P = कीमत − डाउन पेमेंट, r = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100 और n = महीनों की संख्या है।
उदाहरण
10 लाख रुपये की कार पर 2 लाख रुपये डाउन पेमेंट देने पर लोन 8 लाख रुपये रहता है। 9% ब्याज पर 5 साल के लिए EMI लगभग 16,607 रुपये आती है और कुल ब्याज करीब 1.96 लाख रुपये बनता है।
सही बजट कैसे बनाएँ?
कार का खर्च सिर्फ़ EMI तक सीमित नहीं होता। पेट्रोल या डीज़ल, बीमा का नवीनीकरण, सर्विसिंग, पार्किंग और टोल भी हर महीने जेब पर असर डालते हैं। इसलिए ऐसी कार चुनें जिसकी EMI और बाकी खर्च मिलाकर आपकी मासिक आय के लगभग 15-20% के भीतर रहें।
कार लोन लेते समय सावधानियाँ
- अवधि 5 साल से कम रखने की कोशिश करें, क्योंकि गाड़ी की कीमत तेज़ी से घटती है।
- ज़्यादा डाउन पेमेंट से ब्याज का बोझ कम होता है।
- प्रोसेसिंग फ़ीस, फोरक्लोज़र चार्ज और बीमा की शर्तें पहले पूछ लें।
- पुरानी कार के लोन पर ब्याज दर आम तौर पर नई कार से ज़्यादा होती है।