CTC और इन-हैंड सैलरी में फ़र्क
CTC (कॉस्ट टू कंपनी) वह कुल रकम है जो कंपनी आप पर साल भर में खर्च करती है। इसमें आपकी नकद सैलरी के अलावा नियोक्ता का PF, ग्रेच्युटी, बीमा, बोनस और कई बार अन्य लाभ भी जुड़े होते हैं। इसलिए हाथ में आने वाली रकम CTC ÷ 12 से काफ़ी कम होती है।
हिसाब कैसे लगता है?
- बेसिक = CTC × बेसिक %।
- नियोक्ता का PF = बेसिक × PF %, और ग्रेच्युटी = बेसिक × लगभग 4.81%।
- ग्रॉस सैलरी = CTC − नियोक्ता का PF − ग्रेच्युटी।
- इन-हैंड = ग्रॉस − कर्मचारी का PF − प्रोफ़ेशनल टैक्स − इनकम टैक्स।
उदाहरण
12 लाख रुपये CTC और 40% बेसिक पर बेसिक 4,80,000 रुपये सालाना होगा। नियोक्ता का PF 57,600, ग्रेच्युटी लगभग 23,088 रुपये। ग्रॉस 11,19,312 रुपये (मासिक 93,276)। कर्मचारी का PF 57,600 और प्रोफ़ेशनल टैक्स 2,400 घटाने पर इन-हैंड लगभग 10,59,312 रुपये यानी मासिक करीब 88,276 रुपये (इनकम टैक्स शून्य मानकर)।
ध्यान रखें
हर कंपनी का सैलरी स्ट्रक्चर अलग होता है। कुछ कंपनियाँ PF केवल 15,000 रुपये की सीमा पर काटती हैं, कुछ में वेरिएबल पे या इंश्योरेंस अलग होता है। यह कैलकुलेटर मोटा अनुमान देता है। सटीक रकम के लिए सैलरी स्लिप या HR से पूछें।
इनकम टैक्स कैसे जोड़ें?
सालाना इनकम टैक्स का अंदाज़ा हमारे इनकम टैक्स कैलकुलेटर से लें और यहाँ भर दें। फिर मासिक कटौती में टैक्स का 1/12 हिस्सा शामिल हो जाएगा।