EPF क्या है?
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एक रिटायरमेंट बचत योजना है जिसे EPFO चलाता है। इसमें कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12% हर महीने जमा करता है और नियोक्ता भी उतना ही योगदान देता है। इस पर सालाना सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता है।
नियोक्ता का योगदान कहाँ जाता है?
नियोक्ता के 12% में से 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है, जो वेतन की तय सीमा (अब तक 15,000 रुपये) तक की बेसिक पर गिना जाता है। बाकी हिस्सा आपके EPF खाते में जमा होता है। इसलिए EPF में नियोक्ता का हिस्सा आम तौर पर कर्मचारी के हिस्से से कम होता है।
गणना का तरीका
इस कैलकुलेटर में हर महीने का योगदान जुड़कर मासिक शेष पर ब्याज की गणना होती है, जो साल के अंत में खाते में जुड़ता है: ब्याज = Σ (मासिक शेष × दर ÷ 12)। EPFO की वास्तविक प्रक्रिया में छोटे अंतर हो सकते हैं, इसलिए नतीजा अनुमान है।
उदाहरण
बेसिक 20,000 रुपये, 12% योगदान और 8.25% ब्याज पर एक साल में कर्मचारी के 28,800 रुपये और नियोक्ता के EPF हिस्से के लगभग 13,806 रुपये जमा होंगे। ब्याज करीब 1,904 रुपये बनेगा और साल के अंत की रकम लगभग 44,510 रुपये।
फ़ायदे और नियम
- PF जमा पर पुरानी कर व्यवस्था में 80C की कटौती मिल सकती है।
- नौकरी बदलने पर UAN से खाता ट्रांसफ़र कर सकते हैं।
- लगातार 5 साल की सेवा के बाद निकासी पर आम तौर पर टैक्स नहीं लगता।
- बहुत ज़्यादा योगदान पर ब्याज पर टैक्स के विशेष नियम हैं।