HRA छूट कैसे काम करती है?
अगर आप किराये के मकान में रहते हैं और आपको वेतन में HRA मिलता है, तो आयकर की पुरानी व्यवस्था में उसका एक हिस्सा कर-मुक्त हो सकता है। छूट की रकम तीन में से जो सबसे कम हो, वही होती है। नई कर व्यवस्था में HRA छूट उपलब्ध नहीं है।
तीन में से सबसे कम
- कंपनी से मिला वास्तविक HRA।
- दिया गया किराया − बेसिक वेतन (DA सहित) का 10%।
- बेसिक (DA सहित) का 50% (मेट्रो शहर) या 40% (अन्य शहर)।
उदाहरण
बेसिक 40,000, HRA 20,000 और किराया 15,000 रुपये महीना है, शहर मुंबई। (1) HRA = 20,000; (2) 15,000 − 4,000 = 11,000; (3) 50% × 40,000 = 20,000। सबसे कम 11,000 रुपये है, इसलिए कर-मुक्त HRA 11,000 × 12 = 1,32,000 रुपये सालाना और बाकी 1,08,000 रुपये टैक्स योग्य।
ज़रूरी बातें
- सालाना 1 लाख रुपये से ज़्यादा किराये पर मकान मालिक का PAN देना ज़रूरी होता है।
- किराये की रसीद और रेंट एग्रीमेंट संभालकर रखें।
- अगर मकान मालिक माता-पिता हैं तो भी किराया बैंक ट्रांसफ़र से देना और उनकी आय में दिखाना चाहिए।
- अगर HRA नहीं मिलता तो धारा 80GG के तहत अलग कटौती के नियम हैं।
सीमाएँ
यह कैलकुलेटर पूरे साल एक ही वेतन और किराया मानता है। साल के बीच वेतन या किराया बदले तो महीनों के हिसाब से अलग गणना करनी होगी। "मेट्रो" की सूची नियमों के अनुसार बदल सकती है, इसलिए आयकर विभाग की ताज़ा जानकारी देखें।