TDS क्या है?
TDS यानी स्रोत पर कर कटौती (Tax Deducted at Source)। जब कोई व्यक्ति या कंपनी वेतन, किराया, कमीशन, ब्याज या पेशेवर शुल्क जैसा भुगतान करती है, तो भुगतान के समय ही कर का एक हिस्सा काटकर सरकार को जमा कर देती है। काटी गई रकम का प्रमाण फ़ॉर्म 16 या 16A और फ़ॉर्म 26AS/AIS में दिखता है।
TDS की गणना
TDS = भुगतान × TDS दर ÷ 100 और नेट रकम = भुगतान − TDS। उदाहरण: 1,00,000 रुपये के पेशेवर शुल्क पर 10% TDS = 10,000 रुपये, यानी 90,000 रुपये हाथ में आएँगे।
PAN न होने पर
आयकर कानून के अनुसार PAN उपलब्ध न होने पर TDS सामान्य दर या 20% में से जो ज़्यादा हो, उस दर से कटता है। इसलिए भुगतान पाने वालों को हमेशा अपना PAN देना चाहिए।
कुछ आम दरें
- पेशेवर या तकनीकी सेवाएँ (194J): आम तौर पर 10%।
- ठेकेदार को भुगतान (194C): व्यक्ति या HUF को 1%, अन्य को 2%।
- बैंक ब्याज (194A): आम तौर पर 10%।
- किराया (194I): ज़मीन या इमारत पर 10%, मशीनरी पर 2%।
जाँचने की बात
दरें और सीमाएँ बजट के साथ बदलती रहती हैं और कई धाराओं की अलग शर्तें होती हैं। ऊपर के आँकड़े केवल आम जानकारी के लिए हैं। इसीलिए दर और सीमा का खाना खुद भरने योग्य रखा गया है; कटौती से पहले आयकर विभाग की ताज़ा सूची देखें।