टैक्स और GST

इनकम टैक्स कैलकुलेटर

नई या पुरानी व्यवस्था में आपका टैक्स कितना बनेगा, देखें।

इनकम टैक्स कैलकुलेटर में अपनी सालाना आय, कर व्यवस्था और कटौतियाँ डालिए। टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन और रिबेट की सीमा आप खुद बदल सकते हैं, ताकि हर वित्त वर्ष के नियमों के हिसाब से सही नतीजा मिले।

वेतन और अन्य स्रोतों से कटौती से पहले की कुल आय
केवल पुरानी व्यवस्था में लागू होती हैं
खाली छोड़ने पर वित्त वर्ष 2025-26 के नियम: नई व्यवस्था 75,000, पुरानी 50,000
फ़ॉर्मेट: सीमा:दर%, ... खाली छोड़ने पर FY 2025-26 (नई: 400000:0,800000:5,1200000:10,1600000:15,2000000:20,2400000:25,0:30; पुरानी: 250000:0,500000:5,1000000:20,0:30)। आख़िरी सीमा 0 यानी असीमित
खाली छोड़ने पर नई व्यवस्था में 12,00,000 और पुरानी में 5,00,000 की कर योग्य आय तक टैक्स शून्य

कुल टैक्स (सेस सहित)

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कर योग्य आय

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स्लैब के अनुसार टैक्स

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रिबेट / मार्जिनल राहत

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सेस

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प्रभावी कर दर (कुल आय पर)

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औसत मासिक टैक्स

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इस टूल का उपयोग कैसे करें

  1. अपनी कुल सालाना आय डालिए और कर व्यवस्था (नई या पुरानी) चुनिए।
  2. पुरानी व्यवस्था चुनी है तो 80C, 80D आदि की कुल कटौती भरिए।
  3. ज़रूरत हो तो स्टैंडर्ड डिडक्शन, स्लैब और रिबेट की सीमा अपने वित्त वर्ष के अनुसार बदलिए, वरना खाली छोड़िए।
  4. "गणना करें" दबाकर कर योग्य आय, कुल टैक्स और प्रभावी दर देखिए।

भारत में दो कर व्यवस्थाएँ

आयकर में दो विकल्प हैं: नई व्यवस्था, जिसमें स्लैब की दरें कम हैं पर 80C, HRA जैसी ज़्यादातर कटौतियाँ नहीं मिलतीं, और पुरानी व्यवस्था, जिसमें ऊँची दरें हैं पर कई कटौतियाँ मिलती हैं। वेतनभोगी हर साल अपना विकल्प चुन सकते हैं, इसलिए दोनों का हिसाब लगाना समझदारी है।

टैक्स कैसे निकलता है?

उदाहरण

नई व्यवस्था, 15 लाख रुपये वेतन, 75,000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद कर योग्य आय 14.25 लाख रुपये। स्लैब के अनुसार टैक्स: 4-8 लाख पर 5% = 20,000; 8-12 लाख पर 10% = 40,000; 12-14.25 लाख पर 15% = 33,750; कुल 93,750 रुपये। इस पर 4% सेस 3,750 रुपये जोड़ने पर कुल टैक्स 97,500 रुपये बनता है।

स्लैब खुद क्यों बदलें?

सरकार बजट में स्लैब, रिबेट और स्टैंडर्ड डिडक्शन बदलती रहती है। इसलिए हमने इन्हें संपादित योग्य रखा है और खाली छोड़ने पर वित्त वर्ष 2025-26 के मान लगते हैं। किसी और साल के लिए, या नई घोषणा के बाद, आयकर विभाग की वेबसाइट से सही सीमाएँ देखकर यहाँ भर दें।

सीमाएँ

यह कैलकुलेटर एक अनुमान देता है। इसमें सरचार्ज, पूँजीगत लाभ, विशेष दर वाली आय, 60 वर्ष से ऊपर की अलग छूट और विदेशी आय शामिल नहीं हैं। रिटर्न भरने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें या आयकर विभाग का आधिकारिक कैलकुलेटर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई और पुरानी कर व्यवस्था में कौन सी बेहतर है?

यह आपकी कटौतियों पर निर्भर है। अगर 80C, 80D, HRA और होम लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ ज़्यादा हैं तो पुरानी बेहतर हो सकती है, वरना नई। दोनों में हिसाब लगाकर देखें।

स्टैंडर्ड डिडक्शन क्या है?

यह वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाली तय कटौती है, जिसके लिए कोई बिल नहीं देना पड़ता। राशि कर व्यवस्था और वित्त वर्ष के अनुसार बदल सकती है, इसलिए कैलकुलेटर में आप इसे बदल सकते हैं।

धारा 87A का रिबेट क्या है?

यह निवासी व्यक्तियों को मिलने वाली राहत है, जिसमें कर योग्य आय एक तय सीमा तक हो तो टैक्स शून्य हो जाता है। सीमा हर बजट में बदल सकती है।

सेस कितना लगता है?

टैक्स की रकम पर 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस लगता है। कैलकुलेटर में आप दर बदल सकते हैं।

क्या यह कैलकुलेटर अंतिम टैक्स बताता है?

नहीं, यह अनुमान है। सरचार्ज, पूँजीगत लाभ और अन्य विशेष मामलों के लिए CA से सलाह लें या आयकर विभाग का पोर्टल देखें।

यह टूल केवल सामान्य जानकारी और अनुमान के उद्देश्य से है। परिणामों को पेशेवर वित्तीय, कर, कानूनी, चिकित्सा या इंजीनियरिंग सलाह न मानें। कोई भी निर्णय लेने से पहले महत्वपूर्ण गणनाओं की पुष्टि किसी योग्य विशेषज्ञ या आधिकारिक स्रोत से अवश्य करें।