डिलीवरी की तारीख़ कैसे निकलती है?
डॉक्टर आम तौर पर नेगेल (Naegele) के नियम से संभावित डिलीवरी की तारीख़ निकालते हैं। इसमें आख़िरी माहवारी के पहले दिन में 280 दिन (40 हफ़्ते) जोड़े जाते हैं। यह वही है जैसे तारीख़ में से 3 महीने घटाकर 7 दिन जोड़ना। उदाहरण: LMP 1 सितंबर 2026 हो तो संभावित तारीख़ 8 जून 2027 होगी।
चक्र की लंबाई का असर
नियम 28 दिन के चक्र मानकर बना है। अगर आपका चक्र 32 दिन का है तो ओव्यूलेशन देर से होता है, इसलिए तारीख़ में 4 दिन जोड़ दिए जाते हैं। इस कैलकुलेटर में आप चक्र की लंबाई बदल सकती हैं।
तीन तिमाहियाँ
- पहली तिमाही: हफ़्ता 1 से 13 तक।
- दूसरी तिमाही: हफ़्ता 14 से 27 तक।
- तीसरी तिमाही: हफ़्ता 28 से डिलीवरी तक।
ज़रूरी बात
केवल 4 से 5 प्रतिशत बच्चे ठीक अनुमानित तारीख़ पर पैदा होते हैं। ज़्यादातर बच्चे 37 से 42 हफ़्ते के बीच जन्म लेते हैं। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर तारीख़ बदल सकते हैं। यह टूल सिर्फ़ अनुमान देता है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। नियमित जाँच के लिए अपनी डॉक्टर से मिलती रहें।